उत्तराखंड से राष्ट्रीय सम्मान पाने वाले एकमात्र शिक्षक बने बिष्ट
पूर्व में राज्यपाल व शैलेश मटियानी पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
कोटद्वार। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पौड़ी जनपद के विकास खंड नैनीडांडा स्थित राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया है। इस वर्ष यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह उत्तराखंड के एकमात्र शिक्षक हैं।
शनिवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गबर सिंह बिष्ट को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार -2026 प्रदान किया। गबर सिंह बिष्ट वर्ष 2003 से लगातार राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद में निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं, वर्तमान में वह विद्यालय के प्रधानाध्यापक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्र में रहते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए निरंतर नवाचारों को अपनाया। गणित एवं विज्ञान जैसे विषयों को सरल एवं रुचिकर ढंग से समझाने के साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी बेहतर मार्गदर्शन दिया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में उपलब्धियां प्राप्त की हैं।
गबर सिंह बिष्ट ने शिक्षण कार्य में डिजिटल प्लेटफार्म एवं आईसीटी का प्रभावी उपयोग किया। उन्होंने ई -कंटेंट एवं पीपीटी तैयार करने के साथ प्रोजेक्टर, डिजिटल बोर्ड और गूगल मीट जैसे तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखा। कोरोना काल में भी उन्होंने आनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ -साथ उन्होंने अवसंरचना विकास एवं शैक्षिक नवाचारों पर भी विशेष ध्यान दिया। तकनीकी एवं शैक्षिक नवाचारों के प्रति उनकी सक्रियता और शिक्षण के प्रति समर्पण ने उन्हें दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए निरंतर बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने में सक्षम बनाया है।
गौरतलब है कि गबर सिंह बिष्ट को इससे पूर्व राज्यपाल पुरस्कार एवं शैलेश मटियानी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उनका चयन उनके शिक्षण, विद्यालय प्रबंधन, नवाचार, आईसीटी के उपयोग, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा शिक्षा के क्षेत्र में समग्र योगदान के आधार पर हुआ है।
मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना ने शिक्षक गबर सिंह बिष्ट को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि कोरोना काल जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने आनलाइन माध्यम से विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया। दूरस्थ क्षेत्र में रहकर भी शिक्षा के प्रति उनका निरंतर समर्पण अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है। उन्होंने जनपद के शिक्षकों से नवाचार एवं तकनीकी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गबर सिंह बिष्ट की उपलब्धि न केवल जनपद पौड़ी बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। शिक्षकों के समर्पित प्रयासों और सकारात्मक नवाचारों से विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिलते हैं तथा उनके भविष्य को नयी दिशा मिलती है।
