राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास भी है: प्रो. मधवाल
कोटद्वार। भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल का सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. एसपी मधवाल बतौर मुख्य अतिथि, प्रधानाचार्य जीआईसी लैंसडाउन राजेश्वरी धस्माना विशिष्ट अतिथि, प्रभारी प्रधानाचार्य अभिनव आवासीय विद्यालय विकास चन्द्र सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
राजीव गांधी अभिनव आवासीय विद्यालय में आयोजित समापन कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन व एनएसएस के संकल्प गीत के साथ किया गया। इस दौरान डा. अजय रावत ने शिविर के उद्देश्यों और उनकी प्राप्ति पर विस्तार से प्रकाश डाला। तदोपरान्त एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डा. अर्चना नौटियाल द्वारा सात दिनों के दौरान आयोजित गतिविधियों और सामाजिक कार्यों की विस्तृत आख्या प्रस्तुत की गई।
मुख्य अतिथि राजेश्वरी धस्माना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विकास की जिम्मेदारी युवा शक्ति के कंधों पर है। ऐसे में एनएसएस जैसे कार्यक्रम युवाओं में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी का विकास करते हैं।
विशिष्ट अतिथि विकास चन्द्र ने स्वयंसेवकों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि आज के युवा यदि समाज सेवा व अपनी जिम्मेदारियों के प्रति समर्पित हों, तो देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
मुख्य अतिथि प्रो. एसपी मधवाल ने सभी स्वयंसेवियों की सराहना करते हुए कहा राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य केवल सेवा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास भी है। उनके द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों को आत्मसात करने तथा सात दिवसीय शिविर को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए कार्यक्रम अधिकारियों और स्वयंसेवियों की सराहना की गई।
इस अवसर पर स्वयंसेवक कु दिया, कु. कुमकुम रौतेला, नवनीत रावत व आलोक बड़थ्वाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिविर में हमें सेवा, सहयोग, नेतृत्व, अनुशासन और टीम वर्क का महत्व सिखाया गया। वहीं, शिविर ने हमें समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का एहसास कराया। डा. आरके द्विवेदी ने एनएसएस के उद्देश्यों को आत्मसात करने के लिए स्वयं सेवियों को प्रेरित किया।
समापन समारोह में स्वयंसेवियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दौरान शिविर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सेवकों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया |
समापन कार्यक्रम का संचालन डा. अजय रावत ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक व प्राध्यापिकाएं समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
