शिविर में 115 स्वयं सेवकों ने उत्साहपूर्वक किया स्वैच्छिक रक्तदान
कोटद्वार। मानव एकता दिवस के अवसर पर संत निरंकारी सभा की कोटद्वार शाखा में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं के तहत आयोजित इस शिविर में 115 स्वयं सेवकों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान किया गया।
संत निरंकारी सत्संग भवन के सभागार में आयोजित इस रक्तदान शिविर में स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर स्वयं सेवकों में उत्साह देखा गया। इस दौरान बेस अस्पताल कोटद्वार एवं हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट की चिकित्सकीय टीमें उपस्थित रही। शिविर में निरंकारी मिशन के 187 स्वयं सेवकों द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान हेतु पंजीकरण करवाया गया था। चिकित्सकीय जांचों के उपरांत 115 स्वयं सेवक रक्तदान किया गया। शिविर में स्वच्छता, सतर्कता एवं सेवाभाव का विशेष ध्यान रखा गया था। इस दौरान आधारशिला रक्तदान समूह के संस्थापक सरदार दलजीत सिंह भी उपस्थित थे। उनके द्वारा उपस्थित स्वयं सेवकों को रक्तदान के फायदों से अवगत कराया गया।
वहीं, संत निरंकारी मण्डल के सचिव जोगिंद्र सुखीजा ने बताया कि समूचे भारतवर्ष के लगभग 200 स्थानों पर रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया गया। जिससे लगभग 40 हजार यूनिट रक्त संकलित किया गया। जो निष्काम सेवा, परोपकार और मानवता के प्रति समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति बनकर उभरा। उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों से निरंतर 9 हजार 174 रक्तदान शिविरों के माध्यम से लगभग 15 लाख 230 यूनिट रक्त संकलित किया जा चुका है। जो मानव सेवा के प्रति निरंकारी मिशन की अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।
सतगुरू माता सुदीक्षा जी महाराज का पावन सन्देश देते हुए राजीव बिजल्वाण जी ने बताया कि युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, सरलता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और ऊर्जा को समाजसेवा में लगाने की प्रेरणा दी है। बाबा हरदेव सिंह जी ने “रक्त नाड़ियों में बहे, नालियों में नहीं” का संदेश देकर सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया। जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।
