कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद वीर सैनिकों को नमन कर दी श्रद्धांजलि
लखनऊ। उत्तराखण्ड महापरिषद की बैठक में आगामी उत्तराखंड महोत्सव की तैयारियों को लेकर विचार विमर्श किया गया। बैठक में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीद वीर सैनिकों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित गई। इस मौके पर महापरिषद की युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को शपथ भी दिलाई गयी।
महापरिषद के महासचिव भरत सिंह बिष्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को महानगर स्थित मोहन सिंह बिष्ट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष हरीश चन्द्र पंत द्वारा की गई। आयोजित बैठक का शुभारम्भ मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन एवं दो मिनट का मौन रखकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। उपस्थित सदस्यों द्वारा शहीदों के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम एवं राष्ट्रभक्ति को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
तत्पश्चात बैठक में आगामी उत्तराखंड महोत्सव के सफल आयोजन पर विचार विमर्श किया गया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि महोत्सव का आयोजन आगामी 9 नवम्बर से 22 नवम्बर तक पूर्व वर्षों की भांति भव्य एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ किया जाएगा। बैठक में महोत्सव की रूपरेखा, पारम्परिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों, उत्तराखण्डी व्यंजन, हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पादों के स्टाल, प्रदर्शनी समेत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों पर विस्तार से विचार विमर्श किया गया। इसके अतिरिक्त उत्तराखण्ड स्मारिका के विशेषांक के प्रकाशन, महोत्सव के लिए सहयोग एवं प्रायोजन प्राप्त करने, विज्ञापन एवं शुभकामना संदेश संकलित करने की रणनीति भी निर्धारित की गई।
बैठक में चुनाव अधिकारी महेश चन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में उत्तराखण्ड महापरिषद के युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित किया गया। पदाधिकारियों द्वारा उत्तराखण्ड महापरिषद के संविधान में पूर्ण आस्था रखते हुए संगठन के उद्देश्यों एवं हितों की पूर्ति के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने तथा महापरिषद द्वारा सौंपे गए दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की शपथ ली गई।
बैठक में महापरिषद की केन्द्रीय कार्यकारिणी, महिला प्रकोष्ठ, युवा प्रकोष्ठ, खेल प्रकोष्ठ, आजीवन सदस्य, सामान्य सदस्य, सलाहकार मण्डल, संरक्षक मण्डल तथा अन्य सम्मानित सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
