कोटद्वार। राजकीय महाविद्यालय जयहरीखाल में वार्षिकोत्सव से पूर्व विभिन्न रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों द्वारा प्रतिभाग कर अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया।
मंगलवार को महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. डा. लवली रानी राजवंशी व मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक दिलीप रावत सहित अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन करके किया गया। कार्यक्रम में रंगोली, ऐपण, वेस्ट मटेरियल का उपयोग, मेहंदी तथा स्टोन पेंटिंग आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की गयीं।
आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में कु. अमीषा रावत (बीए द्वितीय), कु. तान्या एवं कु. प्रीति (बीएड प्रथम) ने प्रथम, कु. अर्चना, कु. आरती कु. मनी (बीएड प्रथम) ने द्वितीय एवं कु. यशोदा सलोनी कु. मालती (बीए चतुर्थ) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
ऐपण प्रतियोगिता में कु. कुमकुम रावत (बीएससी षष्ठम), कु. स्मृति रावत (बीकाम द्वितीय) व कु.दिया नेगी (बीए द्वितीय) में क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त किया। वेस्ट मैटेरियल उपयोग प्रतियोगिता में कु. कुमकुम रावत (बीएससी षष्ठम) प्रथम, कु. दिया (बीए द्वितीय सेमस्टर) द्वितीय एवं कु. कनिका कुकरेती (एमएससी द्वितीय)एवं कु. खुशबू (बीएससी षष्ठम) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्टोन पेंटिंग प्रतियोगिता में कु. कनिका कुकरेती(एमएससी द्वितीय) प्रथम, कु. खुशबू (बीएससी द्वितीय) द्वितीय व कु. अमीषा रावत (बीए द्वितीय), कु. दिया एवं कु. संजना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, मेंहदी प्रतियोगिता में कु. मिनाज खातून(बीए द्वितीय) प्रथम, कु. कुमकुम (बीएससी षष्ठम) द्वितीय एवं कु. मेघा (बीए चतुर्थ) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में डा.अजय रावत (राजनीति विज्ञान) ने ऐपण प्रतियोगिता, डा. मोहन कुकरेती (जंतु विज्ञान) ने वेस्ट मैटेरियल उपयोग प्रतियोगिता, डा. राकेश कुमार द्विवेदी (वनस्पति विज्ञान) ने रंगोली प्रतियोगिता, डा. कमल कुमार (भौतिक विज्ञान) ने स्टोन पेंटिंग प्रतियोगिता तथा डा. विनीता देवी (गणित विभाग) ने मेंहदी प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन डा. शिप्रा (संस्कृत विभाग) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
