आरोपियों के कब्जे से छह लाख की नकदी व सोने की चार चेन बरामद
कोटद्वार। कोतवाली पुलिस व सीआईयू की संयुक्त टीम ने तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार कर ठगी के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से छह लाख रूपये की नकदी व सोने की चार चेन बरामद की है। इस मामले में पुलिस एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। गिरफ्तार सभी आरोपी राजस्थान की घुमंतु जाति के हैं।
कोतवाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार जौनपुर निवासी विभाष अग्रवाल ने कोतवाली कोटद्वार में तहरीर देकर बताया था कि उनकी दुकान में रघुवीर नाम का व्यक्ति ने मार्च माह में एक अंगूठी गिरवी रखकर पच्चीस हजार रुपए उधार लिए थे। कुछ समय उक्त व्यक्ति पैसे लौटाकर अपनी अंगूठी वापिस ले गया था। गत छह जुलाई को उक्त व्यक्ति दोबारा अपने एक अन्य साथी के साथ उनकी दुकान पर आया तथा अपनी पुत्री के विवाह की बात कहकर कुछ सोने के पेंडल के बदले तैयार आभूषण एवं आठ लाख की नकदी ले गया। स्वर्णकार विभाष अग्रवाल ने बताया कि जांच में आभूषण नकली पाए गए। वहीं, रघुवीर का मोबाइल भी स्विच आफ मिला।
पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस द्वारा धारा- 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू की गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए शहर कोतवाल प्रदीप नेगी के नेतृत्व में गठित ठगी पुलिस टीमों द्वारा गहन जांच पड़ताल करते हुए ठगी की घटना में संलिप्त तीन शातिर ठगों रघुवीर नायक (50 वर्ष) पुत्र स्व. सोहन लाल, विक्रम भोपा (35 वर्ष) पुत्र हजारी भोपा व बलवीर नायक (30 वर्ष) पुत्र हजारी लाल भोपा निवासी पृथ्वीपुरा खेडा जनपद अलवर (राजस्थान) को रेलवे स्टेशन कोटद्वार से गिरफ्तार किया गया। तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से छह लाख रुपये नगद व सोने की चार चेन बरामद हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सुनियोजित तरीके से विभिन्न स्थानों पर स्वर्णकारों को अपना निशाना बनाते थे। विश्वास जीतने के लिए प्रारम्भ में वह असली सोने की ज्वैलरी गिरवी रखकर समय -समय पर ब्याज सहित उसे छुड़ाते थे। ज्वैलर का विश्वास स्थापित होने पर वह सोने की परत चढ़े नकली आभूषण गिरवी रखकर उसके बदले असली सोने के गहने लेकर फरार हो जाते थे।
आरोपियों से पूछताछ के बाद इस प्रकरण में शामिल एक अन्य आरोपी नीरज पुत्र हजारी भोपा निवासी पृथ्वीपुरा खेड़ा जनपद अलवर (राजस्थान) की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैद्यानिक कार्यवाई की जा रही है।
