कोटद्वार। राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी में 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। इस दौरान प्राचार्य ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण कार्यक्रम से हुयी। ध्वजारोहण के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में डा. कविता अलाहावत द्वारा उच्च शिक्षा निदेशक हल्द्वानी के द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश को सुनाया गया। तदोपरांत अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति के उद्घोषों लगाए गए।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हरीश चंद्र ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने उन वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि वह शिक्षा के साथ साथ चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को अपनाकर विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में योगदान दें।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पीवी छेत्री सेवानिवृत्त कमांडेंट बीएसएफ मुख्य अतिथि पीवी छेत्री ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हमें शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित होना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि देश का भविष्य आपके हाथों में सुरक्षित है। इसके लिए विद्यार्थी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से अपना काम कर देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करें।

इस दौरान डा. मणिकांत शाह, डा. दिवाकर तथा डा. भगवत रावत सहित अन्य वक्ताओं द्वारा भी विद्यार्थियों को आजादी के इतिहास के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गयी। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति पर आधारित भाषण, नृत्य एवं गीतों की सुंदर प्रस्तुतियां दी गयी। कार्यक्रम के समापन अवसर पर देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने की शपथ दिलाई गयी।
कार्यक्रम का संचालन डा. महेशानंद नोडियाल के द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित उपस्थित रहे।



