जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को वार्षिक कैलेंडर व कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
पौड़ी। जनपद के सभी विकासखंडों में अब स्काउट -गाइड की गतिविधियां वर्षभर नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। इसके लिए विद्यालयों को चिह्नित कर वार्षिक कैलेंडर और कार्ययोजना तैयार की जाएगी। भारत स्काउट -गाइड की जनपदीय पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को इस संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्काउट -गाइड से जोड़कर उनमें सेवा, अनुशासन, सहयोग और नेतृत्व की भावना विकसित की जाए।

शुक्रवार को भारत स्काउट -गाइड की राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा का शुभारंभ जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने किया। स्काउट -गाइड ध्वज फहराने और स्काउट -गाइड गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। राज्य पुरस्कार जांच परीक्षा 25 से 29 सितंबर तक भारत स्काउट-गाइड भवन एवं राजकीय इंटर कालेज पौड़ी नगर में आयोजित की जा रही है।

जिलाधिकारी ने जांच परीक्षा की प्रक्रिया की जानकारी लेने के साथ प्रतिभागी बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों के ठहरने, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेकर बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कैंप की सभी गतिविधियों में पूरे मनोयोग से प्रतिभाग करने को कहा। उन्होंने कहा कि कक्षा में सीखने के अवसर सीमित होते हैं, जबकि स्काउट -गाइड गतिविधियां बच्चों को समाज से जुड़ने और सेवा भाव विकसित करने का अवसर देती हैं। स्काउटिंग के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सहयोग, जिम्मेदारी और नेतृत्व जैसे गुण विकसित होते हैं, जो उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में सहायक हैं। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि सभी विकासखंडों में विद्यालयों को चिह्नित कर स्काउट -गाइड की गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जाएं। वर्षभर की गतिविधियों की रूपरेखा पहले से तय करने के लिए वार्षिक बैठक आयोजित करने और कैलेंडर तैयार करने को भी कहा गया। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थी स्काउट -गाइड से जुड़ सकेंगे।

जिला स्काउट -गाइड सचिव केसर सिंह असवाल ने बताया कि पांच दिवसीय राज्य पुरस्कार कैंप में पूरे जनपद से चयनित स्काउट एवं गाइड प्रतिभाग कर रहे हैं। कैंप में राज्य पुरस्कार के लिए निर्धारित विभिन्न दक्षताओं और मानकों के आधार पर प्रतिभागियों की जांच परीक्षा ली जा रही है। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों को राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
प्रादेशिक संगठन आयुक्त बीएस बिष्ट ने बताया कि भारत स्काउट -गाइड से बच्चों का जुड़ाव केवल विद्यालयी स्तर तक सीमित नहीं है। इसकी प्रवेश प्रक्रिया तीन वर्ष की आयु से ही शुरू हो जाती है। उन्होंने बताया कि स्काउट -गाइड गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
कार्यक्रम में मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, सदस्य आशीष नेगी, स्काउट मास्टर, गाइड कैप्टन, प्रशिक्षक और स्काउट -गाइड मौजूद रहे।
