आरक्षी ने ओ नेगेटिव रक्त देकर बचाई महिला की जान, कोतवाल ने 24वीं बार किया स्वैच्छिक रक्तदान
कोटद्वार। पुलिस की वर्दी में कानून -व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाले जवान जरूरत के वक्त मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। कोटद्वार में दो पुलिसकर्मियों ने रक्तदान कर सेवा और सामाजिक सरोकारों का प्रेरक संदेश दिया। आरक्षी चालक ने जरूरतमंद महिला की मदद के लिए रक्तदान किया, वहीं शहर कोतवाल ने 24वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर दूसरों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया।

जानकारी के मुताबिक स्थानीय पदमपुर स्थित श्यामला ल बगीचा निवासी निवासी शशि देवी (42 वर्ष) किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं। जिनका नियमित रूप से डायलिसिस किया जाता है। इस दौरान उन्हें समय -समय पर ओ नेगेटिव रक्त की आवश्यकता पड़ती है। रविवार को भी शशि देवी को अचानक रक्त की जरूरत पड़ी। यह बात जब कोतवाली में नियुक्त चालक परमजीत सिंह को मालूम चली तो वह तत्काल बेस अस्पताल पहुंचे तथा रक्तदान कर महिला की जान बचाकर मानवता का परिचय दिया।
उधर, शहर कोतवाल प्रदीप नेगी ने भी जानकीनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में रविवार को आयोजित रक्तदान शिविर में 24वीं बार स्वैच्छिक रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका यह प्रयास नियमित रक्तदान के महत्व को रेखांकित करने के साथ ही अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देता है।
मित्र पुलिस के जवानों की यह पहल बताती है कि खाकी केवल सुरक्षा और कानून -व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता और मानवीय संवेदनाओं से भी जुड़ी है। रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है। ऐसे प्रयास समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करते हैं।
