वानिकी विश्वविद्यालय भरसार में बीएससी चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत थी मृतका
पौड़ी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार में अध्ययनरत एक छात्रा की एम्स अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत के बाद सोमवार को परिसर का माहौल गरमा गया। इस घटना से आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी और रेफरल व्यवस्था में ढिलाई का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार थलीसैंण में बीएससी हॉर्टिकल्चर चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत छात्रा मधु यादव की पिछले तीन चार दिनों से तबियत खराब चल रही थी। तबीयत बिगड़ने पर छात्रा को पहले विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी में उपचार दिया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर उसे उपचार हेतु पहले सीएचसी पाबौ, फिर जिला अस्पताल और इसके बाद श्रीनगर से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। रविवार शाम लगभग पौने सात बजे उपचार के दौरान एम्स प्रशासन ने मृत घोषित कर दिया।
उधर, छात्रा की मौत की सूचना सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचते ही छात्रों में आक्रोश फैल गया। छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर स्वास्थ्य सुविधाओं और आपात स्थिति में उपचार एवं रेफरल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। फिलहाल छात्रा की मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, चिकित्सकीय जांच और आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। दूसरी ओर छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होनी बाकी है। फिलहाल छात्रा की मौत ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्र स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
