डा. राधाकृष्णन के विचारों को याद कर शिक्षकों के योगदान को सराहा
कोटद्वार। शिक्षक दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. विष्णु सिंह रावत सामाजिक संस्था द्वारा शिक्षकों का सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सम्मान समारोह में 205 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि बृजमोहन सिंह रावत सेवानिवृत्त अपर शिक्षा निदेशक सचिवविद्यालयी परिषद देहरादून व विशिष्ट अतिथि सुदर्शन सिंह बिष्ट सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी देहरादून, शिक्षाविद रामप्रसाद बडोला व सर्व शिक्षा अभियान के राष्ट्रीय सलाहकार डा. प्रेम बहुखंडी आदि उपस्थित थे।


शनिवार को सिताबपुर स्थित एक बारात घर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने संयुक्त रूप से डा. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। समारोह की संयोजक रंजना रावत ने उपस्थित अतिथियों व शिक्षकों का अभिनंदन करते हुए कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शन और निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


समारोह में वक्ताओं ने डा. राधाकृष्णन के जीवन और उनके कामों पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि डा. राधाकृष्णन एक महान शिक्षक, दार्शनिक और शिक्षाविद् थे। उन्होंने भारतीय शिक्षा और दर्शन को दुनिया भर में पहचान दिलाई। उनका जीवन शिक्षकों को अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने और छात्रों का चरित्र बनाने की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक समाज और देश की मजबूत नींव होते हैं। वह छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार और चरित्र को गढ़ने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थी सफलता हासिल करने के साथ ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं। आयोजित समारोह में सरकारी व निजी विद्यालयों के 205 शिक्षक -शिक्षिकाओं का माल्यार्पण कर उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त शिक्षक बलबीर सिंह रावत ने किया। इस अवसर पर गृह उद्योग लीसा सहकारी समिति के अध्यक्ष भुवन मोहन सिंह गुसाईं, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, शिक्षाविद रामप्रसाद बडोला, राकेश अग्रवाल, निजी स्कूल एसोशिएसन के अध्यक्ष अजयपाल सिंह रावत आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे।
