उपचार और पुनर्वास के जरिए मरीजों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य
नशे की गिरफ्त में आए लोगों को दिखाएं सही दिशा : पुलिस अधीक्षक
कोटद्वार। नजीबाबाद क्षेत्र के साहनपुर में गढ़वाल -बिजनौर डायसिस द्वारा स्थापित प्रत्याशा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का सोमवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि जनपद के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के ओएसडी राजभूषण सिंह रावत और डायसिस के मुख्य धर्मगुरू बिशप विंसेंट नरई बिशप विन्सेंट नेल्लईपरम्बिल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान होली फैमिली कान्वेंट स्कूल की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। केंद्र का उद्देश्य नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपचार व पुनर्वास के माध्यम से स्वस्थ जीवन की ओर लौटने में मदद करना है।

हरिद्वार रोड स्थित प्रत्याशा केंद्र में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपने संबोधन में गढ़वाल -बिजनौर डायसिस की ओर से संचालित प्रेमधाम आश्रम के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रेमधाम आश्रम में निराश्रित लोगों की सेवा और देखभाल का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। गलती हर व्यक्ति से हो सकती है, लेकिन भटकने के बाद सही रास्ते पर लौटना उसकी सबसे बड़ी जीत है। यदि कोई व्यक्ति गलत संगत में पड़ गया है तो उसे गलत नजर से देखने के बजाय सही दिशा दिखाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने नशे को गंभीर सामाजिक बुराई बताते हुए कहा कि इसका दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार प्रभावित होता है। उनके द्वारा युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की गई।
विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के ओएसडी राजभूषण सिंह रावत ने गढ़वाल बिजनौर डायसिस की ओर से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रत्याशा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इससे उबरने और समाज में सम्मान के साथ दोबारा जीवन शुरू करने का अवसर प्रदान करेगा।
डायसिस के बिशप विंसेंट नरई बिशप विन्सेंट नेल्लईपरम्बिल ने कहा कि प्रत्याशा केंद्र के माध्यम से लोगों को नई आशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि डायसिस की स्वर्ण जयंती पर हमने प्रत्याशा केंद्र का शुभारंभ कर नशा रोगियों को नशे से दूर कर मुख्य धारा में शामिल करने का संकल्प लिया है। उन्होंने समाज को सशक्त बनाने के लिए सभी से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
केंद्र के प्रबंधक फादर शिबी पौलोस ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि नशे की लत एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। केंद्र का उद्देश्य ऐसे लोगों को उचित उपचार और पुनर्वास उपलब्ध कराकर समाज में सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करना है। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान मरीजों के लिए पौष्टिक आहार, मनोरंजन और खेलकूद जैसी गतिविधियों की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही मनोवैज्ञानिक परामर्श के माध्यम से उन्हें नशे से उबरने में मदद दी जाएगी। उपचार के बाद भी समय-समय पर उनका मार्गदर्शन किया जाएगा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नई शुरुआत कर सकें।
फादर फ्रांसिस ने कहा कि प्रत्याशा उम्मीदों का सफर है। जब कोई व्यक्ति रास्ता भटक जाता है तो यह केंद्र उसके लिए सही राह दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हर व्यक्ति का जीवन मूल्यवान है और उसे समाज की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

कार्यक्रम में सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल मंडावली के विद्यार्थियों ने ‘उजाले की ओर’ नाटक प्रस्तुत कर नशे से दूर रहने और सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया। वहीं, सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल नजीबाबाद की छात्राओं ने रंगारंग नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन डा. पौल मैथ्यू ने किया। इस अवसर पर पुलिस क्षेत्राधिकारी सुनील कुमार सिंह, ब्लाक प्रमुख तपराज सिंह देशवाल, नगर पालिका अध्यक्ष इंजीनियर मुअज्जम, डायसिस के निवर्तमान बिशप जान बडेक्कल, फादर साजू, फादर पायस, फादर जौमी, फादर बीजू, फादर जार्ज, फादर बाबू, सिस्टर दिव्या सहित अन्य धर्मगुरु, सिस्टर और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
