कोटद्वार। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यालयों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप पर रोक लगाने की मांग को लेकर महानगर कांग्रेस कमेटी ने राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। कांग्रेसजनों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम के नाम पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रधानाचार्यों पर बनाए जा रहे दबाव को समाप्त करने की मांग की है।
शनिवार को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेसजनों ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। पेपर लीक की घटनाओं से विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा विद्यालयों के लगातार बंद होने, शिक्षकों की कमी, जर्जर भवनों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याएं भी बनी हुई हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक ओर विद्यालयों में विद्यार्थियों की परीक्षाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम के नाम पर विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों को कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेसजनों ने कहा कि विद्यालय शिक्षा और संस्कार के केंद्र हैं, इसलिए उन्हें राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं बनाया जाना चाहिए।
ज्ञापन में कहा गया कि सरकार को विद्यालयों में राजनीतिक गतिविधियों पर ध्यान देने के बजाय पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने, शिक्षकों की कमी दूर करने, जर्जर भवनों की मरम्मत कराने और विद्यार्थियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षकों को राजनीतिक अथवा गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए दबाव में लेना स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के अनुरूप नहीं है।
कांग्रेस ने राज्यपाल से विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप पर रोक लगाने तथा ‘सेवा संकल्प’ के नाम पर विद्यार्थियों और शिक्षकों पर बनाए जा रहे अनावश्यक दबाव को समाप्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने की मांग की है।
ज्ञापन देने के दौरान महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मीना बछुवाण, पूर्व महानगर अध्यक्ष संजय मित्तल, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह बिष्ट समेत कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
