कोटद्वार। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून एवं उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी में पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को लेकर राष्ट्रीय विद्यार्थी पर्यावरण प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विज्ञान, कला और वाणिज्य संकाय के विद्यार्थी आनलाइन पंजीकरण कर अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं। विगत 15 जुलाई से शुरू हुई यह आन प्रतियोगिता 15 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, जबकि प्रतियोगिता का परिणाम 20 सितंबर को घोषित किया जाएगा।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हरीश चंद्र ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण किसी एक संस्था या सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और विशेष रूप से युवाओं का नैतिक दायित्व है। उन्होंने युवाओं से जल ऊर्जा की बचत, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग कर जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के संयोजक एवं वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डा. हरिओम शरण बहुगुणा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, वनों का क्षरण और जल प्रदूषण जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करना बेहद जरूरी है।
महाविद्यालय प्रशासन ने इस पहल को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। वहीं, शेष विद्यार्थियों से भी 15 सितंबर की निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण कर प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की गई है।
