निर्दोष युवक ने सोशल मीडिया के माध्यम से व्यक्त की अपनी पीड़ा
पौड़ी(जगमोहन डांगी)। जनपद का आबकारी विभाग अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों के घेरे में आ गया है। देहरादून में निजी संस्थान में कार्यरत एक निर्दोष युवक के कल्जीखाल स्थित पैतृक घर पर आबकारी टीम ने अवैध रूप से शराब बेचने की गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से घर का सारा सामान अस्त व्यस्त हो गया। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक विकास खंड कल्जीखाल के ग्राम दिवई निवासी गौरव पटवाल उर्फ गोलू पिछले पांच वर्षों से परिजनों के साथ देहरादून में रहकर नौकरी करता है। गांव में केवल उनके बुजुर्ग माता-पिता और चचेरी बहन ही रहते हैं। गुरुवार को ग्राम दिवई पहुंची आबकारी विभाग की टीम ने अचानक बिना किसी पूर्व जांच या प्राथमिक सत्यापन के घर में प्रवेश कर तलाशी लेनी शुरू कर दी। गौरव के परिजनों द्वारा जब इस अनुचित कार्रवाई का कड़ा विरोध किया गया, तब आबकारी टीम ने बताया कि गौरव पटवाल के खिलाफ शराब बेचने की अज्ञात शिकायत मिली है।
ग्रामीणों के मुताबिक गौरव पटवाल क्षेत्र का एक सम्मानित और सक्रिय युवा है। कोरोना काल के दौरान गौरव ने अपने गांव लौटकर मशरूम उत्पादन और पोल्ट्री फार्म जैसे लघु उद्यम स्थापित कर स्वरोजगार की मिसाल पेश की थी। यही नहीं, वह विकास खंड स्तर पर कई अन्य बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार का प्रशिक्षण भी दे चुके हैं। आबकारी विभाग की इस गैर -जिम्मेदाराना कार्रवाई के चलते स्थानीय व आसपास के ग्रामीणों में भारी रोष व्यापत है।
उधर, पीड़ित युवक गौरव पटवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर अपनी पीड़ा व्यक्त की है। साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बिना किसी जांच पड़ताल के कार्रवाई करने वाले दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
