रिले रेस, चम्मच दौड़ और रस्साकस्सी में लिया हिस्सा, विभिन्न स्पर्धाओं में हासिल किए स्थान
पौड़ी। समावेशी शिक्षा के तहत दिव्यांग बच्चों को खेलों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से विकासखंड पौड़ी के विद्यालयों में अध्ययनरत 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांग बालक -बालिकाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। बच्चों ने खेल मैदान में उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

शनिवार को शहीद जसवंत सिंह महावीर चक्र विजेता स्पोर्ट्स स्टेडियम रांसी में आयोजित प्रतियोगिताओं का शुभारंभ कनिष्ठ प्रमुख नीरज पटवाल ने किया। इस दौरान बच्चों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। रिले रेस, चम्मच दौड़, साफ्ट बाल थ्रो, मनोरंजक खेल, गुब्बारे उछालने और रस्साकस्सी जैसी स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने बढ़ -चढ़कर हिस्सा लिया।

चार गुणा 100 मीटर रिले दौड़ के विभिन्न वर्गों में राजकीय इंटर कालेज उज्याड़ी के सुजल और मोहित, सरस्वती विद्या मंदिर पौड़ी के रोहित तथा डीएवी इंटर कालेज पौड़ी के अशोक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, राजकीय इंटर कालेज उज्याड़ी के अमित, डीएवी इंटर कालेज पौड़ी के कपिल, परसुंडाखाल के ऋषभ और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाड़ा के अमन ने दूसरा स्थान हासिल किया।

चम्मच दौड़ में पिसोली की आंचल प्रथम और डीएवी इंटर कॉलेज पौड़ी की सौम्या जोशी द्वितीय रहीं। साफ्ट बाल थ्रो में राजकीय इंटर कालेज उज्याड़ी के सुजल ने पहला, डीएवी इंटर कालेज पौड़ी के कपिल ने दूसरा और राजकीय इंटर कालेज उज्याड़ी के अमित ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मनोरंजक खेल में अमित प्रथम, अशोक द्वितीय और कपिल तृतीय रहे। गुब्बारे उछालने की प्रतियोगिता में आंचल ने पहला और सौम्या जोशी ने दूसरा स्थान हासिल किया। रस्साकस्सी प्रतियोगिता में सुजल, ऋषभ, अमित और अशोक की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मोहित, कपिल, महेश और सौम्या की टीम दूसरे स्थान पर रही।
खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श ने कहा कि समावेशी शिक्षा के तहत आयोजित इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को खेल गतिविधियों में समान अवसर उपलब्ध कराना और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। खेलों से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, सहभागिता और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। जनपद के सभी विकासखंडों में इस तरह के आयोजन से अधिकाधिक बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।
प्रतियोगिताओं में कमल उप्रेती, नरेश जुयाल, राजेंद्र रावत, डा. कनिक कौशल, बबीता रावत, मालिनी पंचवाल, दीपक रावत, अनुराग रावत और प्रमोद नेगी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। इस अवसर पर बीआरसी समन्वयक नवीन डोभाला सहित आरती बहुगुणा, सुबोध, अंकित, रुचि, ओमप्रकाश, अलका और कामिनी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
